जयपुर: राजस्थान की राजनीति में बुधवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय (इंदिरा भवन) के बाहर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लंबे समय बाद एक-दूसरे से हंसते हुए मिलते नजर आए। दोनों नेताओं के बीच हाथ मिलाने और सहज बातचीत का यह दृश्य कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
बैठक में दिखी नजदीकी
यह मौका था नेशनल ओबीसी कांग्रेस एडवाइजरी काउंसिल की बैठक का, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों नेता एक ही कतार में बैठे नजर आए। राहुल गांधी के पास अशोक गहलोत बैठे थे, जबकि दूसरी ओर ओबीसी विंग के प्रमुख डॉ. अनिल जयहिंद के पास सचिन पायलट की सीट थी। इस बैठक की तस्वीरों और वीडियो ने यह संकेत देने की कोशिश की कि पार्टी के भीतर तालमेल बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट ने बदला नजरिया
हालांकि, बैठक के बाद तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई। अशोक गहलोत ने अपने एक्स अकाउंट पर जो फोटो साझा की, उसमें सचिन पायलट नजर नहीं आए। वहीं, सचिन पायलट ने जो तस्वीर पोस्ट की, उसमें गहलोत का फ्रेम दिखाई नहीं दिया। दोनों नेताओं की पोस्ट में एक-दूसरे की अनुपस्थिति ने सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
पुराने मतभेद अब भी कायम?
गौरतलब है कि गहलोत और पायलट के बीच लंबे समय से मतभेद की स्थिति रही है। 2018 के बाद से नेतृत्व और संगठन को लेकर दोनों के बीच कई बार टकराव सामने आया है। ऐसे में दिल्ली में दिखी यह नजदीकी क्या स्थायी है या सिर्फ एक औपचारिकता, इस पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या संदेश देना चाहती है कांग्रेस?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी, राजस्थान में एकजुटता का संदेश देना चाहते हैं। ओबीसी वर्ग को लेकर रणनीति तैयार करने के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है। लेकिन सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों ने यह संकेत भी दिया है कि जमीनी स्तर पर दोनों खेमों के बीच दूरी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
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