जयपुर: राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 4 अप्रैल को भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर बना रहेगा। प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले 3 अप्रैल को भी 10 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। एक दिन पहले शुक्रवार को जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके में एक घर की छत्त गिरने से उसके मलबे में एक महिला दब गई थी। उसे बचाने के लिए जयपुर पुलिस ने रेक्यू ऑपरेशन चलाया और सकुशल उसकी जान बचाई थी।
कई जिलों में ओलावृष्टि, तापमान में गिरावट
बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर जैसे इलाकों में ओले गिरने से हालात बदल गए। मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया और दिन का पारा करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि से मंडियों और खेतों में रखी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
अगले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कई हिस्सों में तेज आंधी-बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। 5 और 6 अप्रैल को इन गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन 7 अप्रैल को एक नया और मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से फिर से मौसम बिगड़ने के आसार हैं।
जयपुर में अंधड़ से दो की मौत
राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर देर रात तक जारी रहा। तेज अंधड़ के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में हादसे सामने आए।
जवाहर नगर इलाके में बाइक सवार रामजीलाल महावर (50) पर बिजली का पोल गिरने से उनकी मौत हो गई। वह मुकेश नगर के निवासी थे और बिजली पोल से जुड़े कार्य करते थे।
दूसरी घटना जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में हुई, जहां तेज हवा के चलते ग्रेनाइट का पत्थर एक बुजुर्ग पर गिर गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
फसल नुकसान और जनजीवन प्रभावित
तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर फसलों को नुकसान और हादसों ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं।
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