जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय की डिविजन बैंच ने , एसआई भर्ती 2021 को एकलपीठ द्वारा रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है जो स्वागत योग्य निर्णय है , यह बात राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद कही,सांसद ने कहा कि एसआई भर्ती भर्ती 2021 में हुई धांधली,पेपर लीक की वजह से लाखों मेहनतकश अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया तब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने मेहनतकश अभ्यर्थियों के पक्ष में इस भर्ती को रद्द करवाने के लिए लंबा आंदोलन किया और जयपुर के शहीद स्मारक पर कई दिनों तक धरना दिया और बड़ी रैली भी राजधानी जयपुर में की,सांसद ने कहा कि जब राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने एसआई भर्ती 2021 को रद्द करने का फैसला दिया तो राजस्थान की दोगली बीजेपी सरकार ने इस भर्ती को यथावत रखवाने का पुरजोर प्रयास किया मगर आज फिर से मेहनतकश अभ्यर्थियों की भावनाओ की कोर्ट में जीत हुई है।
SI भर्ती 2021 को रद्द करने का फैसला मेहनतकश अभ्यर्थियों की भावनाओं की जीत है। — हनुमान बेनीवाल
राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन की मांग पर भी कोर्ट का रुख सकारात्मक
आज राजस्थान उच्च न्यायालय की डिविजन बैंच ने एसआई भर्ती -2021 को लेकर राजस्थान लोक सेवा आयोग में बतौर सदस्य की जाने वाली राजनैतिक नियुक्तियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए जिन RPSC सदस्यों पर आरोप लगे है उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर जो बात कही है वो RPSC पुनर्गठन की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा किए गए आंदोलन व लगातार इस संदर्भ में की जा रही मांग की तरफ सकारात्मक कदम है | राजस्थान सरकार को न्यायपालिका की इन टिप्पणियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है | विगत 20-25 वर्षों की सरकारों द्वारा स्वार्थ सिद्ध करने के लिए RPSC में की गई राजनैतिक नियुक्तियों ने इस पवित्र संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई और RPSC में भ्रष्टाचार की जड़ो को गहरा किया है | राजस्थान सरकार को अब RPSC पुनर्गठन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए |
राजस्थान सरकार के इशारे पर आरपीएससी द्वारा 2.21 लाख युवाओं के सपनों के साथ किया खिलवाड़
राजस्थान सरकार के इशारे पर राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा कल से होने वाली एसआई भर्ती को लेकर जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई वो उचित नहीं थी ,उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से प्रश्न है किया कि जब तीसरे चरण में सभी को मौका दिया जा सकता था, तो बिना समाधान के RPSC की आखिरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की क्या मजबूरी थी ? उन्होंने कहा कि क्या सरकार की नजरों में युवाओं की मेहनत, उनके समय और उनके भविष्य की कोई कीमत नहीं है ? बेनीवाल ने इस मामले में स्वयं मुख्यमंत्री से जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि आखिर लाखों अभ्यर्थियों को इस स्थिति में क्यों धकेला गया ?
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